चाँद के नीचे तारें दिखना क्या?
चांद के नीचे तारे दिखाना क्या दर्शाता है ?
अद्भुत दृश्य - 24 मार्च 2023
तो चलीए जानते हैं चांद के नीचे तारें दिखाई देने का आशय क्या है? इसके क्या नुकसान है या इसके क्या फायदे यह भी जानते हैं?
-:-:- चांद के नीचे तारे दिखाने का वैज्ञानिक तथ्य -:-:-
चांद और जो आपको तारा दिखाई दे रहा है वह वास्तव में एक तारा नहीं बल्कि शुक्र ग्रह है। शुक्र को चांद के समक्ष एवं सबसे नजदीकी दिखने का कारण यह है शुक्र ग्रह सुर्य की परिक्रमा करते हुये पृथ्वी के सबसे नजदीक से गुजर रहा है। और संयोग से चंद्रमा भी हमारी पृथ्वी के लगभग नजदीक से गुजर रहा है।
और सबसे अद्भुत बात यह है कि चाँद और तारे अर्थात शुक्र को एक साथ या ठीक नीचे दिखना। यह एक अद्भुत दृश्य है कुछ लोग इसे भगवान के चमत्कार या संकेत तो कुछ लोग इसे अल्लाह का करिश्मा बता रहे हैं। कुछ लोग इसे मां चंद्रघंटा मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप का सक्षातिकरण बता रहे हैं अर्थात मां चंद्रघंटा की उपासको को धन लाभ की संभावना। यह एक अद्भुत खगोलीय दृश्य हैं यह सैकडो़ या हजारों सालों में एक बार होता है।
प्रभाव -: इसके प्रभाव पृथ्वी पर परिलक्षित होंगे। शुक्र ग्रह को पृथ्वी के नजदीक होने के कारण यह तीन गुना अधिक चमकीला दिखाई देगा। इस संकेत में कोई वैज्ञानिक नुकसान नहीं है। यह मात्र एक खगोलीय घटना है। जो कि कभी कभी सैकडो़ तो कभी हजारों तो कभी - कभी लाखो वर्षों पर होता है।
-:-:- चांद के नीचे तारे देखने का ज्योतिष तथ्य -:-:-
चंद्रमा के नीचे शुक्र के आने के ज्योतिषिय लाभ एवं हानी निम्नवत है।
लाभ :-
शुक्र और चंद्रमा के संयोग से रचनात्मक चीजों का उद्भव होता है। ज्यादा विकास एवं शांती उत्तपन्न होती है युद्ध टलते हैं। प्राकृतिक सौन्दर्य के प्रति अकार्षकता में वृद्वि होती है।
मेष, कन्या और कर्क राशि को धनलाभ
हानि :-
प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ शारीरिक सौन्दर्य के प्रति आकर्षण के कारण संसार में कामुकता, काम एवं वासना जैसे दुर्गणों में वृद्धि।
आलस्य में वृद्धि।
वाढ़ एवं अधिक गर्मीं की उच्च संभावना।
नक्षत्रिय/कुंडलिय प्रभाव :-
शुक्र आराम व सुख के कारक हैं. चंद्रमा और शुक्र की युति होने पर व्यक्ति का मन रचनात्मक कार्यों और चीजों के प्रति आकर्षित होने लगता है. व्यक्ति के मन में सुख प्राप्ति की इच्छा जाग्रत होने लगती है, जिस कारण वह थोड़ा सा आलसी हो जाता है. दिखावे की प्रवृत्ति होने लगती है लेकिन ऐसे व्यक्ति रचनात्मक प्रतिभा लिए होते है और सुंदर दिखते है. सफाई पसंद होते है और कला प्रेमी व सौंदर्य प्रेमी होते है. ऐसे व्यक्ति अक्सर सौंदर्य प्रसाधन से संबंधित क्षेत्र से जुड़े होते हैं. ये अच्छे कवि होते है, व जल्दी अपने गुणों से लोगो को प्रभावित कर देते हैं.
शुक्र का जीवन में महत्व (Venus Importance)
शुक्र को कलियुग में सुख समृद्धि का कारक माना गया है. शुक्र जीवन में प्रेम, रोमांस, सुखी वैवाहिक जीवन प्रदान करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है. यही कारण है जब विवाह के लिए कुंडली का मिलान किया जाता है जो वर और वधु की कुंडली में शुक्र की शुभ स्थिति पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है. विद्वानों के मतानुसार शुक्र की शुभता के बिना संसार में व्यक्ति का जीवन निरर्थक है. शुक्र यदि कुंडली में शुभ स्थिति में विराजमान है तो व्यक्ति को सभी प्रकार के ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं.
शुक्र को कलियुग में सुख समृद्धि का कारक माना गया है. शुक्र जीवन में प्रेम, रोमांस, सुखी वैवाहिक जीवन प्रदान करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है. यही कारण है जब विवाह के लिए कुंडली का मिलान किया जाता है जो वर और वधु की कुंडली में शुक्र की शुभ स्थिति पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है. विद्वानों के मतानुसार शुक्र की शुभता के बिना संसार में व्यक्ति का जीवन निरर्थक है. शुक्र यदि कुंडली में शुभ स्थिति में विराजमान है तो व्यक्ति को सभी प्रकार के ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं.
शुक्र को लव, रोमांस, धन एवं कला के नियंत्रक की संज्ञा दी गई है।
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